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क्या लिखूं?

November 10, 2013

शब्दों में डूबने उतराने वाली लड़की आज निशब्द  है ?

हैरानी है खुद पर….. कभी मुस्कुराते हैं. कभी लड़ते हैं . कभी रूठते तो कभी मनाते हैं

दोस्त, हमसफ़र, माँ बाप  एक दुसरे  के सब कुछ हैं अब हम दोनों ..

आगे और जन्मदिनों के लिए…अनगिनत…… हंसी ठिठोली से भरे …..साथ-साथ …हमेशा…

उम्र बीत जाये यूँ ही, बस इतनी सी दुआ है…

और क्या कहूं ? शब्दों में समेटना नामुमकिन है…बस इतना ही…

For being my strength…

 

और इस बातूनी लड़की को निशब्द करने के लिए …….:)

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